Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पेट में अंदरूनी परत होती है, जिसे मà¥à¤¯à¥‚कोसा कहते हैं। इसी परत में कई छोटी-छोटी गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं, जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ को हजम करने के लिठसà¥à¤Ÿà¤®à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और पेपà¥à¤¸à¤¿à¤¨ नामक à¤à¤‚जाइम का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती हैं। जहां, सà¥à¤Ÿà¤®à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पचाता है, वहीं पेपà¥à¤¸à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को हजम करता है। जब इसी अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है, तो पेट में गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है। इस कारण सà¥à¤Ÿà¤®à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और पेपà¥à¤¸à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कम होने लगता है और पेट खराब हो जाता है, पेट फूलना यानी बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है।
पेट फूलना किसे कहते हैं?
आमतौर पर पेट फूलने का कारण पेट में बनने वाली गैस होती है। जिससे पेट का आकार बढ़ने लगता है। इसे पेट की सूजन à¤à¥€ कहते हैं। सामानà¥à¤¯ तौर पर à¤à¤¸à¤¾ खाना खाने के बाद महसूस होता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ तब आती है जब छोटी आंत के अनà¥à¤¦à¤° गैस à¤à¤° जाता है। इसका सीधा संकेत पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गड़बड़ी à¤à¥€ होती है। वैसे तो इसे आम समसà¥à¤¯à¤¾ समà¤à¤¾ जाता है लेकिन नजर अंदाज करने पर यह बीमारी गंà¤à¥€à¤° à¤à¥€ बन सकती है।
बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग कई कारणों से हो सकते हैं जैसे, लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में गड़बड़ी, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨, बासी à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन, पेट में पानी या फà¥à¤²à¥‚इड का à¤à¤° जाना, कबà¥à¤œ, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक à¤à¥‚खे या फिर कई घंटे à¤à¤• ही जगह पर बैठे रहना, पीरीयडà¥à¤¸ आने पर होने वाले शारीरिक बदलाव à¤à¥€ पेट के फूलने का कारण बनते हैं। इसके अलावा दवाइयों का अधिक सेवन या और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ से कारण हैं जो बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की वजह हैं। इससे सेहत पर à¤à¥€ बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है, इससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठसही लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पहचानना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° तला-à¤à¥à¤¨à¤¾ खाने और मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ के सेवन से होता है। पेट फूलने की वजह से आपको रोजमरà¥à¤°à¤¾ के कामों में परेशानी होती है। पेट फूलने के कारण पेट à¤à¤°à¤¾-à¤à¤°à¤¾ लगता है और à¤à¥‚ख का पता नहीं चलता है और न ही आप à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ का ठीक से आनंद ले पाते हैं। सरà¥à¤¦à¥€ में आमतौर पर पेट में गैस बनने, पेट के à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ और पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। इसके कारण आपको दिन में आलस बहà¥à¤¤ आता है और आप हर समय थका हà¥à¤† महसूस करते हैं। गैस जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने के कारण कई बार आपको शरà¥à¤®à¤¿à¤¨à¥à¤¦à¤¾ à¤à¥€ होना पड़ता है। सरà¥à¤¦à¥€ में ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ इसलिठबढ़ जाती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आमतौर पर सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हमारा मेटाबॉलिजà¥à¤® और पाचन धीरे हो जाता है, जिसके कारण à¤à¤¾à¤°à¥€ आहार आसानी से पचता नहीं है।
पेट फूलने के लकà¥à¤·à¤£
पेट फूलने की बीमारी में सबसे आम लकà¥à¤·à¤£ पेट का à¤à¤°à¤¾ महसूस होना और बेचैनी होती है, लेकिन इसके अलावा और à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं जिसको बीमारी के सही पहचान के लिठसमà¤à¤¨à¤¾ ज़रूरी होता है। पेट में हलà¥à¤•ी जलन होने से लेकर तेज दरà¥à¤¦ तक गैस के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। हालांकि, हलà¥à¤•ी जलन को अनदेखा किया जा सकता है, लेकिन दरà¥à¤¦ को बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। पेट में गैस होने के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं-
-घबराहट
-बेचैनी
–पेट में दरà¥à¤¦
-कबà¥à¤œ या दसà¥à¤¤
-वजन घटना
-थकान
–तेज सिरदरà¥à¤¦ या कमजोरी
-बार-बार गैस बनना
-गैस निकलने पर बदबू आना
-पेट फूलना और खटà¥à¤Ÿà¥€ डकारे आना
-उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसा महसूस होना
-à¤à¥‚ख कम लगना
-लगातार हिचकी आना
-पेट में à¤à¤‚ठन होना
-कà¤à¥€-कà¤à¥€ बà¥à¤–ार आना
-कबà¥à¤œ
-मल का रंग बदलना या फिर उसके साथ खून आना
अनà¥à¤¤à¤¿à¤® दो लकà¥à¤·à¤£ आने का मतलब है कि आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° रूप ले चà¥à¤•ी है और इसको अनदेखी करना सही नहीं है।
पेट कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ फूलता है?
पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ का मूल कारण तो आहार और जीवनशैली ही होता है, लेकिन इस बात को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठथोड़ा विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से इस बारे में चरà¥à¤šà¤¾ करने से आपको वजह का पता लगाने में आसानी होगी। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वात की विकृति के कारण पेट फूलता है।
आहार- अगर आपका पेट में गैस जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है तया पेट फूलता है और à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस होता है तो इसका कारण आपका आहार हो सकता है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में लोग अकà¥à¤¸à¤° पालक और पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाते हैं। ये दोनों सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ होती हैं मगर इनका बहà¥à¤¤ अधिक सेवन नहीं करना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये पेट में गैस का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा चना, चने की दाल, बीनà¥à¤¸, बेसन से बने फूडà¥à¤¸, मैदा, राजमा, छोले आदि के सेवन से à¤à¥€ पेट में गैस और बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
खाने के साथ पानी पीना- अकà¥à¤¸à¤° लोग खाना खाने के साथ-साथ पानी पीते रहते हैं। ये आदत à¤à¥€ गैस जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने और बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकती है। इसलिठखाना खाते समय या इसके तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ बाद पानी न पिà¤à¤‚। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अगर आपको पानी पीना है तो खाने से 30-45 मिनट पहले या 30-45 मिनट बाद ही पिà¤à¤‚। इससे आपका आहार ठीक से पचेगा और गैसा या पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होगी।
रात का खाना देर से खाना- रात को देर से खाने से à¤à¥€ पेट में गैस और à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। दरअसल जब à¤à¥€ आप रात में देर से खाना खाते हैं और उसके बाद सो जाते हैं तो वो खाना पचता नहीं है। ये बिना पचा हà¥à¤† खाना गैस, पेट दरà¥à¤¦ और कबà¥à¤œ का कारण बनता है। लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक ये आदत आपके लिवर और पाचनतंतà¥à¤° को खराब कर सकती है। रात का खाना हमेशा सोने से 2-3 घंटे पहले जरूर खा लें।
खाने के बाद तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ लेटे नहीं-कà¥à¤› लोगों की आदत होती है कि खाना खाने के तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ बाद लेट जाते हैं या सो जाते हैं। खाना खाने के बाद आमतौर पर नींद आती है मगर फिर à¤à¥€ तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ सो जाना आपके पाचनतंतà¥à¤° और सेहत के लिठखतरनाक है। इससे पेट में गैस, कबà¥à¤œ और à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसलिठखाना खाने के बाद थोड़ी दूर जरूर टहलें। अगर समय कम है तो कम से कम 15 मिनट जरूर टहलें।
थोड़ी à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें- हम खाना रोज खाते हैं मगर इसे पचाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ नहीं करते हैं। आमतौर पर अगर आप कà¥à¤› à¤à¥€ न करें तो खाने का कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¤¾ शरीर पचा लेता है मगर इससे न तो आपको खाने में खाठपोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का लाठमिलता है और न ही ये आपके पाचनतंतà¥à¤° और अनà¥à¤¯ अंगों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। इसलिठरोज सà¥à¤¬à¤¹ कम से कम 30 मिनट à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ जरूर करें। बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने की जरूरत नहीं है, अगर आप सिफ 15-20 मिनट टहलें और 10-15 मिनट थोड़ी उछल-कूद वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर लें, तो à¤à¥€ आपके लिठबहà¥à¤¤ है। अगर यह à¤à¥€ संà¤à¤µ नहीं है तो पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि रोज 30-40 मिनट साइकिल चालाà¤à¤‚।
इसके अलावा आहार का बेमेल और कà¥à¤› छोटी-मोटी गलतियां à¤à¥€ पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण होते हैं-
गलतियां–
-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग यही गलती सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करते हैं, वह सà¥à¤¬à¤¹ का वकà¥à¤¤ बचाने के लिठकà¥à¤› à¤à¥€ नहीं खाते और बाद में लंच हैवी करते हैं। इसी वजह से उनका रात का डिनर à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ होता है, आपको बता दें बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने का सबसे बड़ा कारण यही होता है, इसलिठहर सà¥à¤¬à¤¹ फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ करें। इससे आपको वकà¥à¤¤ से पहले à¤à¥‚ख नहीं लगेगी और आपका पेट नहीं फूलेगा।
इसके अलावा कई लोग शादी या पारà¥à¤Ÿà¥€ में जाने से पहले पेट खाली रखते हैं यानि कà¥à¤› नहीं खाते, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ नहीं करना चाहिठइस वजह से à¤à¥€ बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
-कà¤à¥€ à¤à¥€ गरà¥à¤® दही नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-कांसे के बरà¥à¤¤à¤¨ में दस दिन तक रखा हà¥à¤† घी नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-रातà¥à¤°à¤¿ में फल, दही, सतà¥à¤¤à¥‚, मूली और बैंगन नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-अचार और सिरके से बनी चीजें अधिक न खाà¤à¤‚।
-खटà¥à¤Ÿà¥‡, चटपटे, चाट-पकौड़े, गोल-गपà¥à¤ªà¥‡, दही-à¤à¤²à¥à¤²à¥‡, समोसे, कचौरी-छोले-à¤à¤Ÿà¥‚रे न खाà¤à¤‚।
-गरà¥à¤® खादà¥à¤¯-पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚, गरà¥à¤® मिरà¥à¤š-मसाले और अमà¥à¤²à¥€à¤¯ रसों से बने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन न करें।
-चाय, कॉफी का बिलà¥à¤•à¥à¤² ही परितà¥à¤¯à¤¾à¤— कर दें।
-जंक फूड और फासà¥à¤Ÿ फूड के अलावा सॉफà¥à¤Ÿ कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क का à¤à¥€ तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर दें।
बेमेल आहार-
-दाल के साथ चावल या दाल के साथ रोटी नहीं खाना चाहिà¤, खाà¤à¤‚ तो à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में सबà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ खाà¤à¤‚।
-दूध या दही के साथ रोटी नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-दूध के साथ दही नहीं खा सकते या दही खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिà¤à¥¤
-दूध और दही के साथ केला नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-दूध या दही के साथ मूली à¤à¥€ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-शहद के साथ गरà¥à¤® जल या कोई गरà¥à¤® पदारà¥à¤¥ नहीं लेना चाहिà¤à¥¤
-शहद के साथ मूली नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-खिचड़ी के साथ खीर नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-दूध के साथ खरबूजा, खीरा और ककड़ी नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-दही के साथ पनीर या पनीर के साथ दहीं नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-फलों के साथ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ या सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बाद फल नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-दाल के साथ शकरकनà¥à¤¦, आलू, कचालू नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
शायद आप ये जानकर आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ में पड़ जायेंगे कि कà¥à¤› बीमारियों के कारण à¤à¥€ पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो जाती है। जैसे-
कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° पेट पर सूजन के सामानà¥à¤¯ कारण हो सकते हैं, जिसमें पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾, सही डाइट न होना, गैस, तनाव, दवाओं का सेवन या बदलता वातावरण शामिल है। लेकिन अगर हर दिन आप पेट पर सूजन महसूस करते हैं या आपका पेट गà¥à¤¬à¤¾à¤° की तरह फूला रहता है तो सावधान हो जाइà¤à¥¤ पेट का फूलना इन गंà¤à¥€à¤° बीमारियों की ओर इशारा करता है। जानिठकौन सी है यह पांच गंà¤à¥€à¤° बीमारियां-
लीवर की समसà¥à¤¯à¤¾- लीवर की खराबी के कारण à¤à¥€ पेट पर सूजन नजर आती है जिससे पेट अकà¥à¤¸à¤° फूला हà¥à¤† नजर आता है। यह हेपेटाइटिस, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• अलà¥à¤•ोहल का सेवन, दवाईयां या फिर लीवर कैंसर के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¥€ हो सकता है।
आंत की समसà¥à¤¯à¤¾- अगर पेट फूलने के साथ ही कठोर à¤à¥€ हो और आप उलà¥à¤Ÿà¥€, जी मिचलाना, कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¥€ सामना कर रहे हैं, तो यह आंत की गड़बड़ी या आंत में टà¥à¤¯à¥‚मर के कारण à¤à¥€ हो सकता है।
पेट का कैंसर- हालांकि पेट के कैंसर को आसानी से पहचाना नहीं जा सकता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह शà¥à¤°à¥‚आती चरण में इसके लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ नहीं होते, लेकिन पेट का फूलना अंदरूनी हिसà¥à¤¸à¥‡ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उलà¥à¤Ÿà¥€, मतली, वजन का कम होना और अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा होता है।
अगà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर- अगà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤¯ यानि पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¤¿ का कैंसर पेट पर सूजन के साथ-साथ पीलिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करता है। यह काफी घातक हो सकता है और वजन में लगातार कमी के साथ आप à¤à¥‚ख की कमी, पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ महसूस करते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर- कà¥à¤› मामलों में पेट का फूला रहना या à¤à¤°à¤¾ रहना गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के कैंसर के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल होते हैं। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ या पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ और पहले से अधिक à¤à¤°à¤¾à¤µ महसूस होता है। सामानà¥à¤¯à¤¤ 50 से अधिक उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ या गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ वाली महिलाà¤à¤‚ इसका शिकार हो सकती हैं।
पेट का टà¥à¤¯à¥‚मर- पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ आम है लेकिन जब इसके साथ-साथ अचानक वजन à¤à¥€ कम होने लगे तो यह पेट में टà¥à¤¯à¥‚मर के संकेत हो सकते हैं।
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾- पेट फूलने के साथ-साथ अगर खांसी, जà¥à¤•ाम और वजन कम होने लगे तो यह हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ रोग के संकेत हैं।
पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के उपाय (Prevention Tips for Bloating)
अपने डायट और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में छोटे-छोटे बदलाव करके आप पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ से आसानी से निजात पा सकते हैं, अगर आप पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाने वाले कारणों के बारे में जानते हैं तो उनसे बचने की कोशिश करें, इसके अलावा अपने डेली रूटीन में कà¥à¤› तरीकों को अपनाकर आप इस समसà¥à¤¯à¤¾ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में कर सकते हैं। अगर आप इन उपायों को नियमित रूप से करते हैं तो गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ आपको कà¤à¥€ नहीं होगी।
-आप पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिà¤à¤‚। इससे पाचन तंतà¥à¤° अचà¥à¤›à¥€ तरह काम करता है और कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती। पेट साफ होने पर हमारी आंतें अचà¥à¤›à¥€ तरह काम करती हैं, जिससे गैस और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का सामना नहीं करना पड़ता।
-तली और मिरà¥à¤š-मसाले वाली चीजें खाने से पेट में जलन होती है और गैस बनने लगती है। इसलिà¤, à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से दूरी बना कर रखें। साथ ही नोट करें कि कौन-सी चीज खाने से आपको पेट में जलन व गैस होती है। आप à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की लिसà¥à¤Ÿ बना सकते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने से परहेज करें।
-जंक फूड से दूरी बनाकर रखें।
-आप जो à¤à¥€ दवा का सेवन कर रहे हैं, उन पर à¤à¥€ नजर रखें। अगर उनमें से किसी दवा के सेवन से आपको पेट में जलन व गैस महसूस होती है तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसकी जगह आपको अनà¥à¤¯ दवा दे सकता है।
-शराब, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें। ये हमारे पाचन तंतà¥à¤° को खराब करते हैं, जिससे गैस और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ होती है। साथ ही इनके सेवन से किडनी व फेफड़ों पर à¤à¥€ असर पड़ता है।
-चाय-कॉफी का सेवन कम से कम करें। इनकी तासीर गरà¥à¤® होती है, जिस कारण पेट में जलन होती है।
-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कम से कम 20-25 मिनट योगासन जरूर करें। इससे पेट के अंदरूनी अंग सही पà¥à¤°à¤•ार से काम करते हैं और हमारा शरीर पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से डिटॉकà¥à¤¸ होता है। आप किसी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की देख-रेख में पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨, तितली आसन, पादहसà¥à¤¤à¤¾à¤¨, नौकासन व सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार आदि कर सकते हैं। ये सà¤à¥€ न सिरà¥à¤« गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करते हैं, बलà¥à¤•ि वजन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखते हैं।
-साथ ही सà¥à¤¬à¤¹ की सैर और रात को खाने के बाद कà¥à¤› देर टहलें जरूर। इससे पाचन तंतà¥à¤° अचà¥à¤›à¤¾ रहता है और à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ जलà¥à¤¦à¥€ हजम हो जाता है।
-कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ और वाइन न पिà¤à¤‚, ये कारà¥à¤¬à¤¨ डाईऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ छोड़ती है।
-पाइप के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कोई चीज न पिà¤à¤‚ बलà¥à¤•ि सीधे गिलास से पिà¤à¤‚।
-तला-à¤à¥à¤¨à¤¾, मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ न करें।
-तनाव à¤à¥€ गैस बनने का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है, इससे दूर रहने की कोशिश करें।
– कबà¥à¤œ à¤à¥€ इसका à¤à¤• कारण हो सकता है। जितने लंबे समय तक à¤à¥‹à¤œà¤¨ बड़ी आंत में रहेगा, उतनी मातà¥à¤°à¤¾ में गैस बनेगी।
-खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाà¤à¤‚।
-दिन में तीन बार के बजाठकà¥à¤›-कà¥à¤› घंटों के अंतराल पर मिनी मील खाà¤à¤‚ खाकर तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ न सोà¤à¤‚।
-थोड़ी देर टहलें ताकि पाचन à¤à¥€ ठीक रहे, पेट à¤à¥€ नहीं फूले अपनी बायोलॉजिकल घड़ी को दà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ रखने के लिठà¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर खाना खाà¤à¤‚ कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनाते हैं।
-वसा और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ कम मातà¥à¤°à¤¾ में गैस बनाते हैं।
-लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸ से यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है तो दूध और दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ न लें।
-मौसमी फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
-चाय, कॉफी और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कम करें।
-जंक फूड और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ फूड न खाà¤à¤‚।
-वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, योग को दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल करें।
-पैदल चलने की आदत डालें।
-धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब से दूर रहें।
-अधिक से अधिक रेशेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ लें।
-सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गासन, उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤ªà¤¾à¤¦à¤¾à¤¸à¤¨, à¤à¥à¤œà¤‚गासन आदि नियमित रूप से करना चाहिà¤à¥¤
और पढ़े- जानिये कà¥à¤¯à¤¾ है योग
पेट फूलने के घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़े (Home Remedies for Bloating)
आम तौर पर पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पाने के लिठसबसे पहले घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़ों को ही अपनाया जाता है। यहां हम पतंजली के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पारित कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके सेवन से पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ से जलà¥à¤¦ आराम मिल सकता है।
नींबू पानी पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
नींबू पानी पेट की हर समसà¥à¤¯à¤¾ में वरदान है। नींबू में साइटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है जो पेट के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। अगर आप बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान हैं तो रोज सà¥à¤¬à¤¹ à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में नींबू का रस मिलाकर पिà¤à¤‚। आप चाहें तो गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी में नींबू का रस मिलाकर à¤à¥€ पी सकते हैं।
फाइबर का सेवन कम करना पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
फाइबर आपके पाचन के लिठजरूरी है और फाइबरयà¥à¤•à¥à¤¤ आहार खाने से आपको कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है। मगर जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फाइबर आपके लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फाइबर खाने से पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है इसलिठफाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ को कणà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² करें।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पानी का सेवन पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
अगर आपको पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो आपको खूब पानी पीना चाहिà¤à¥¤ आपको à¤à¤¸à¤¾ लग सकता है कि पानी के कारण ही आपका पेट फूला हà¥à¤† है या à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† है मगर à¤à¤¸à¥‡ समय में शरीर को पानी की जरूरत जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है इसलिठपानी जरूर पिà¤à¤‚।
जीरा नमक पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
आप किसी शीशी में जीरा पीसकर और उसमें काला नमक मिलाकर रख लें। जब à¤à¥€ खाना खायें उसे साथ रखें और खाना खतà¥à¤® होने के बाद थोड़ा सा यह चूरन लेकर उसे à¤à¤• घूंट पानी के साथ निगल जायें। खाना खाने के तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ बाद पानी नहीं पीना चाहिà¤, इसलिठबस à¤à¤•-दो घूंट पानी ही पियें।
बेकिंग सोडा पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
गैस बनने पर पेट में जलन होना आम बात है। गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठबेकिंग सोडा का सेवन किया जा सकता है। बेकिंग सोडा को सोडियम बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार से à¤à¤‚टासिड की तरह काम करता है। इसके सेवन से पेट में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ हो सकता है।
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
पेट में गैस बनने के कारण होने वाली जलन को कम करने के लिठà¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल सबसे बेहतर उपाय है। à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं, जो पेट की अंदरूनी परत में आई सूजन को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह अचà¥à¤›à¤¾ à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤œà¥‡à¤‚ट à¤à¥€ है, जिस कारण यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मारने में सहायता कर पाता है। गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठगैस की दवा की जगह à¤à¤• बार à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ को जरूर आजमा कर देख सकते हैं।
नारियल पानी पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
नारियल पानी विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विटामिनà¥à¤¸ व पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। साथ ही इसमें à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ à¤à¥€ होता है, जो गैस के कारण पेट में आई सूजन को कम कर सकता है। गैस का दरà¥à¤¦ होने पर गैस की दवा खाने की जगह इसका सेवन करें।
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो सीधा पेट की अंदरूनी परत पर असर डालते हैं। इससे गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ धीरे-धीरे कम होने लगती है। इस चाय को गैस की दवा के रूप में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ पीने से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो सकती है। इसलिà¤, गैस से होने वाले रोग से बचने के लिठगà¥à¤°à¥€à¤¨ टी का सेवन कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तौर पर इस बात की à¤à¥€ पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की गई है कि गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पेट के कैंसर में à¤à¥€ कारगर साबित हो सकती है।
सेब का सिरका पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदेमंद
| --------------------------- | --------------------------- |